शुभ चौघड़िया
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चौघड़िया के बारे में
चौघड़िया एक प्राचीन हिंदू वैदिक ज्योतिष समय प्रणाली है जिसका उपयोग दिन के शुभ और अशुभ समय को खोजने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग यात्रा, व्यवसाय, या किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने के लिए किया जाता है।
७ प्रकार के चौघड़िया और उनके अर्थ
अमृत (सर्वोत्तम)
चंद्रमासभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए उत्तम।
शुभ (उत्तम)
बृहस्पतिविवाह, धार्मिक समारोह और उत्सवों के लिए विशेष रूप से शुभ।
लाभ (उन्नति)
बुधशिक्षा, नए कौशल सीखने और व्यापार शुरू करने के लिए उत्तम।
चर (सामान्य)
शुक्रयात्रा और गति से संबंधित कार्यों के लिए उत्तम।
उद्वेग (अशुभ)
सूर्यआम तौर पर अशुभ, लेकिन सरकारी कार्यों के लिए अच्छा माना जा सकता है।
काल (हानि)
शनिधन संचय को छोड़कर अन्य शुभ कार्यों के लिए वर्जित।
रोग (अमंगल)
मंगलवाद-विवाद, युद्ध और शत्रुओं को हराने के अलावा अन्य कार्यों के लिए वर्जित।
🧮 गणना विधि
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को 'दिन का चौघड़िया' और सूर्यास्त से अगले सूर्योदय तक के समय को 'रात्रि का चौघड़िया' कहा जाता है। प्रत्येक अवधि को ८ बराबर भागों में विभाजित किया जाता है।
⚠️ महत्वपूर्ण नियम
- वार वेला, काल वेला और काल रात्रि के दौरान कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
- यदि अमृत या शुभ चौघड़िया राहु काल के साथ आता है, तो राहु काल को प्रधानता दी जानी चाहिए और उस समय शुभ कार्य से बचना चाहिए।